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DTP क्या होता है? DTP Full Form | DTP Operator के क्या कार्य हैं?

DTP क्या होता है? (What is Desktop Publishing in Hindi)
DTP जिसे Desktop Publishing के नाम से भी जाना जाता है, यह प्रकाशन की एक नई Technology है, जिसके द्वारा कंप्यूटर और कुछ Software का उपयोग करके Graphics का कार्य किया जाता है और Newspaper, Books, Cards आदि की छपाई की जाती है।
DTP का निर्माण जेम्स डेविस ने 1983 में किया था। इसमें Typing के द्वारा Page को Compose किया जाता है और उसे Laser Printer के माध्यम से छापा जाता है। आजकल अधिकतर Books, Newspaper, Cards आदि इसी के माध्यम से छापी जा रही हैं।
Desktop Publishing, जिसका शाब्दिक अर्थ है मेज पर रखे Computer का प्रयोग करके छपाई और Publishing का काम करना। इसके लिए, हम एक कंप्यूटर का उपयोग करते हैं और टेक्स्ट तैयार करने के लिए डिवाइस को Compiled करते हैं।
Desktop Publishing के द्वारा, हम Digital Page तथा Virtual Page को Design कर सकते हैं, जिसे Computer/Smartphone पर भी देखा जा सकता है। DTP का उपयोग करके Graphics से जुड़े कार्य जैसे Poster, Banner, Advertisement, Magazine, Books, Newspaper इत्यादि तैयार किया जा सकता है। DTP में काम करने के लिए इन तीन चीजों की आवश्यकता होती है:
Personal Computer
Desktop Publishing Software
Laser Printer
DTP Full Form in Hindi
Full-Form of DTP – Desktop Publishing
DTP में D का अर्थ है Desk यानी मेज़ या Table, T का अर्थ Top, और P का अर्थ Publishing यानि छपाई। अर्थात, “Desk पर रखे कंप्यूटर की मदद से Publishing करना”.
DTP Operator के क्या कार्य हैं?
DTP Operator विभिन्न प्रकार के Documents और Graphics को Design करने के लिए Publishing Software का उपयोग करते हैं। और उससे Financial reports, business offers, Advertisement Magazine, Web-page, Logo, books, newspapers, packaging, tickets और business cards आदि का निर्माण करते हैं। इसके लिए वे Publishing Software के साथ Text, Numerical Data, Picture, Chart तथा अन्य Visible Elements को Format और Manipulate करते हैं।
DTP Operator के निम्नलिखित कार्य हैं।
•विभिन्न प्रकार के Banner, Poster, Magazine, Newspaper आदि Design करना।
•Graphics का Shape तथा Layout तैयार करना।
•Formatting करना तथा तथा Graphics के साथ आकर्षक दिखाने के लिए सही Size और Shape का निर्धारण करना।
•Graphic को आकर्षक बनाने के लिए Color पर ध्यान देना।
•Documents तथा अन्य जरूरी Hard copies को Scan करना।
•Company के लिए Advertisement Material तैयार करना।
•Text तथा Graphics को DTP Software में Import करना।
•Graphics को Print करने के लिए तथा Website के लिए अलग अलग Format में Convert करना।
•High-resolution printer पर Graphics को Print करना।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें. https://www.mytechnicalhindi.com/dtp-क्या-है/

Latest answers from My Technical Hindi

Successful YouTuber कैसे बनें?

आज किसी भी क्षेत्र में काम करना बहुत मुश्किल हो गया है। आज हर क्षेत्र में काफी कंपटीशन हो गया है। आज किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो गया है। लेकिन ध्यान रहे, किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं। बस आपको कुछ तरीके का उपयोग करना है और अपने किए जाने वाले तरीके में थोड़े बदलाव करने हैं।
एक सफल YouTuber का अर्थ है कि आपके YouTube चैनल पर बहुत सारे Subscribers हों। आप अधिक Likes, Comments और Replies प्राप्त करें। आज बहुत सारे YouTuber हैं जो यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर रहे हैं और वे अपने YouTube चैनल से ऑनलाइन इतना पैसा कमा रहे हैं कि उन्हें कुछ और करने की आवश्यकता नहीं है।
इसके अलावा, ऐसे कई YouTubers हैं जो इतने सफल हैं कि वे अपना YouTube चैनल एक बिजनेस के रूप में चला रहे हैं। सफल youtuber बनने के लिए जरुरी है आप एक लक्ष्य निर्धारित करके काम करें। एक बार जब आपका YouTube चैनल सफलता की राह पर होता है, तो यह आपको लाखों डॉलर का मालिक बना सकता है।
एक सफल YouTube चैनल बनाने के लिए बस आपके दिमाग के साथ काम करने की आवश्यकता है। यदि आपके पास काम में सफल होने के लिए रुचि, उत्साह और इच्छा है, तो आप एक सफल और प्रतिभाशाली YouTuber हो सकते हैं। इसके अलावा, मैंने अपने पिछले पोस्ट में यूट्यूब चैनल पर अधिक Views तथा Subscribers प्राप्त करने के बारे में बताया है। यदि आप एक YouTuber हैं तो आप इस लिंक पर क्लिक करके उस पोस्ट को पढ़ सकते हैं। इसके अलावा एक Successful YouTuber बनने के लिए नीचे दिए गए टिप्स को फॉलो करें।
लोकप्रिय और काम के विषयों के बारे में वीडियो बनाएं।
रोचक और ज्ञानवर्धक वीडियो बनाएं।
YouTube के SEO पर ध्यान दें।
गुणवत्ता और रचनात्मक वीडियो बनाएं।
लगातार बने रहें – नियमित रूप से वीडियो अपलोड करे।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें :
https://www.mytechnicalhindi.com/successful-youtuber-kaise-bane/

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Successful YouTuber कस बन

FASTag क्या है और यह कैसे काम करता है?

FASTag एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। जो भारत के सरकारी निकाय, National Highway Authority of India (NHAI) द्वारा चलाया जाता है। यह एक ऐसी प्रणाली है जो Radio Frequency Identification Technology (RFID) तकनीक का उपयोग करती है। इस तकनीक की मदद से अब आपको टोल बूथ पर नकद या कार्ड का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। टोल टैक्स सीधे आपके खाते से काट लिया जाता है। और इसके लिए आपको टोल बूथों की लंबी लाइन में अपनी कार खड़ी करने की ज़रूरत नहीं है। RFID चिप के साथ आपकी Car के विंडस्क्रीन पर Sticker चिपकाया जाता है। टोल बूथ के संपर्क में आने पर, सिस्टम सक्रिय हो जाता है और शुल्क का भुगतान आपके डिजिटल वॉलेट या बैंक खाते से किया जाता है।
FASTag से सबंधित अक्सर पूछे गए प्रश्न
FASTag की वैधता की अवधि कितनी है?
FASTag की वैलिडिटी 5 साल है और इसे Purchase कर लेने के बाद, आपको केवल अपनी जरूरत के हिसाब से टैग को रिचार्ज या टॉप अप करने की आवश्यक्ता होती है।
FASTag को रिचार्ज करने के लिए कितना भुगतान करना होगा?
यदि आप पहली बार FASTag को बैंक से रिचार्ज करवाते है तो इसके लिए आपको 200₹ से रिचार्ज करा सकते है इसके बाद आप जितने अमाउंट से रिचार्ज करवाना चाहे करवा सकते है। अधिकतम सीमा की जानकारी उपर पोस्ट में दी गई है।
नए यूजर्स अपना पहला FASTag कैसे कहा से खरीदे?
इसके लिए आप नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा के अतिरिक्त बैंक शाखाओं में प्वाइंट-ऑफ-सेल (POS) में मौजूदा विभिन्न चैनलों के जरिए से FASTag प्राप्त कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी उपर पोस्ट में दी गई है।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/fastag-kya-hai-hindi/

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FASTag कय ह और यह कस कम करत ह

YouTube Watch Time कैसे बढ़ाएं?

YouTube Watch Time वह कुल समय होता है जो यूजर्स आपके चैनल पर अपलोड की गई Video को देखने में Spend करते हैं। आप YouTube Analytics का उपयोग करके अपने चैनल का कुल Watch Time देख सकते हैं।
दोस्तों, YouTube से पैसे कमाने के लिए यानी YouTube के Monetization के लिए आपको Google AdSense का approval लेना होता है ताकि Video के साथ Ads दिखाया जाए और गूगल एडसेंस के माध्यम से आपकी अर्निंग हो। लेकिन YouTube पर गूगल एडसेंस का अप्रूवल के लिए आपके पास 4000 घंटे का Watch Time होना आवश्यक है यानी आपके द्वारा अपलोड की गई वीडियो को यूजर्स द्वारा 4000 घंटे देखा जाना चाहिए तभी आपको Google AdSense का Approval मिलेगा। ऐसा देखकर कई Youtuber घबरा जाते हैं और सोचने लगते हैं की YouTube Watch Time Increase कैसे करें।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/youtube-watch-time-kaise-badhaye/

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YouTube Watch Time कस बढए

White Hat SEO और Black Hat SEO क्या हैं?

Black Hat SEO एक ऐसा एसईओ तकनीक है जिसमें किसी वेबसाइट की Ranking और Authority को बेहतर बनाने के लिए अनैतिक कार्यों का सहारा लेते हैं। इसमें Google जैसे Search Engine द्वारा बनाए गए नियम कानून से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं होता है। इसके तहत केवल Search Engine को टारगेट करके वेबसाइट बनाया जाता है। इसमें यह मायने नहीं रखता की Website किसी यूजर के लिए फायदेमंद है या नहीं। Black Hat SEO Techniques सर्च इंजन द्वारा दंडनीय है। इसे Search Engine Algorithm द्वारा पकड़ा जा सकता है। यदि आप Search Engine के द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए तो आपको कठोर दण्ड मिल सकता है और हो सकता है की आपके वेबसाइट को हमेशा के लिए Search Engine से हटा दिया जाये। हम आपको Black Hat SEO Techniques का प्रयोग करने का बिल्कुल भी सलाह नहीं देंगे। हमारा उद्देश्य सिर्फ ज्ञान के लिए इन Techniques के बारे में बताना है।
दूसरी ओर यदि White Hat SEO की बात की जाए तो यह Black Hat SEO के जस्ट विपरीत है। White Hat SEO का उद्देश्य भी होता है Search Engine में किसी वेबसाइट के Ranking और Authority को Improve करना लेकिन इसमें Search Engine के द्वारा बनाए गए नियमों का ख्याल रखते हुए सारे कार्य किए जाते हैं। White Hat SEO का Search Engine से कोई खतरा नहीं होता। इसका उद्देश्य वेबसाईट को Search Engine तथा User दोनो के लिए बेहतर बनाना है। आपने ऑन पेज SEO तथा ऑफ पेज SEO का नाम सुना होगा, वे दोनों White Hat SEO के भाग हैं। White Hat SEO को Ethical SEO भी कहा जाता है क्योंकि इसमें वैसे SEO Practices शामिल हैं जिसे Search Engine द्वारा बनाए गए Rules के मद्देनजर रखते हुए अपनाए जाते हैं।
देखा जाय तो Black Hat SEO तकनीक का इस्तेमाल करना White Hat SEO तकनीक से आसान है लेकिन यदि आप पकड़े गए तो आपको Search Engine द्वारा दंडित किया जा सकता है। इसलिए हम कभी भी आपको Black Hat SEO का इस्तेमाल करने का सलाह नहीं देंगे।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/white-hat-seo-vs-black-hat-seo/

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White Hat SEO और Black Hat SEO कय ह

Bounce Rate क्या है और कैसे कम करें?

Bounce Rate, गूगल एनालिटिक्स की एक Service है जिसके माध्यम से वेब पेज पर आने वाले User के behavior के बारे में जानकारी मिलती है। मान लीजिए कि आप किसी विषय के लिए Google पर सर्च करते हैं और विषय “वेबसाईट का Bounce Rate” है। उसमें हो सकता है Google ने पहले पेज पर मेरा वेबसाईट दिखाया और आपने उस पर क्लीक किया।
मान लीजिए आपको मेरे द्वारा लिखा गया पोस्ट पसंद आया और आपने इसे पढ़ने के लिए बहुत समय लिया। कियुकी आप लंबे समय से मेरा लेख पढ़ रहे हैं, इसलिए मेरे Webpage की Bounce Rate बहुत कम होगी। और, यह Google को एक Signal भेजेगा कि यह पोस्ट “बाउंस रेट क्या है” से संबंधित आर्टिकल या पोस्ट जो मैंने अपने वेबसाईट पर लिखा है वह पूरी तरह से Search Queries के लिए प्रासंगिक है और User इस पोस्ट को पसंद करते है।
इस तरह, यदी आपके वेबसाईट का बाउंस रेट कम होगा तो Google आपके वेब पेज की रैंकिंग को “Searched Keyword” के अनुसार सुधार करेगा। और, Google के सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर अच्छी रैंकिंग होने का मतलब है की आप बहुत सारे ट्रैफिक प्राप्त करेंगे।
दूसरी ओर यदि आपका कोई पोस्ट ऐसा है जो Search result में तो आ गया लेकिन User उसे पसंद नहीं करते और उसे छोड़कर तुरंत वापस चले जाते हैं तो उस Webpage का Bounce Rate बढ़ जाएगा और हो सकता है उस Webpage का रेंकिंग डाउन कर दिया जाय। इस प्रकार आप उस पोस्ट से ट्रैफिक प्राप्त नहीं कर पाएंगे।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/bounce-rate-kya-hai/

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Blog Post को Promote कैसे करे?

दोस्तों, चाहे आप अपने वेबसाइट पर कितनी भी Quality Content लिख लें, लेकिन यदी उसपर ट्रैफिक नहीं है तबतक आपकी Earning नहीं हो सकती। यदी आप एक नए ब्लॉगर हैं तो इस स्थिति में ब्लॉग को Google के पहले Page पर रैंक करवाना थोड़ा मुश्किल होता है। उस स्थिति में बहुत से ब्लॉगर हमेशा इस चिंतन में रहते हैं की ब्लॉग पोस्ट को पब्लिश करने के बाद उसे बढ़ावा कैसे दिया जाय या Promote कैसे किया जाय।
ब्लॉग को Promote करने के बहुत से तरीके हैं जिनमें से कुछ Paid हैं तथा कुछ ऐसे हैं जिन्हें आप मुफ्त में कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको थोड़ा मेहनत करना होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/blog-post-promote-kaise-kare/
Blog Post क Promote कस कर

Cache Memory क्या है? What is Cache Memory in Hindi?

Cache Memory एक चिप – आधारित कंप्यूटर डिवाइस है जो सीपीयू में आवश्यक डेटा रखने के लिए एक Temporary storage क्षेत्र के रूप में कार्य करता है। कैश नामक यह Temporary storage device प्रोसेसर के बहुत करीब स्थित होता है। कैश मेमोरी को अक्सर CPU ( Central processing unit ) Memory के रूप में संदर्भित किया जाता है क्योंकि यह आमतौर पर सीधे CPU Chip के अंदर स्थित होता है। यह किसी-किसी कंप्यूटर में सीपीयू के साथ एक अलग बस (Computer Bus) से जुड़ा होता है। चूंकि यह प्रोसेसर के बहुत करीब होता है, इसलिए यह आकार में बहुत छोटा होता है और इसका भंडारण स्थान भी बहुत छोटा होता है। Primary Memory की तुलना में कैश मेमोरी अधिक महंगी होती है। कैश मेमोरी आमतौर पर रैम की तुलना में 10 से 100 गुना Fast होती है, जो केवल कुछ नैनो सेकंड में Output देने में सक्षम है। कैश मेमोरी में उपयोग किए जाने वाले हार्डवेयर को “High Speed Static Random Access Memory (SRAM)” कहा जाता है।
जैसा कि मैंने पहले बताया कि कैश मेमोरी कंप्यूटर या मोबाइल में बहुत कम होती है, जिसका अर्थ है कि जहां आपकी हार्ड डिस्क कई सौ जीबी तक हो सकती है, इस कैश मेमोरी को दो से तीन एमबी होता है।
कैश मेमोरी कैसे काम करती है? (How does Cache Memory Work)
Cache Memory का कार्यप्रणाली काफी सरल है। जब हम इसका उपयोग करते हैं तो Cache Memory हमारे Data या Information को संग्रहित (Store) करती है। यह वापस इसकी आवश्यकता होने पर इसे कम से कम और सबसे तेज समय में फिर से संसाधित करती है।
संक्षेप में, बिना Cache Memory के हमारे किसी भी Data को कंप्यूटर या मोबाइल प्रोसेसर द्वारा Output तो किया जाएगा, लेकिन वह डाटा Signal input device के माध्यम से Processor के माध्यम से हम तक पहुंच जाएगा, फिर वह Signal रैम के माध्यम से Active होगा और प्रोसेसर तक पहुंचाया जाएगा, तब जाकर हमारा काम पूरा होगा।
Cache Memory विभिन्न सूचनाओं को Store करती है जिन्हें हम पहले इनपुट करते हैं, इसलिए जब भी हम उस जानकारी को फिर से देखना या संसाधित करना चाहते हैं, तो यह RAM के बजाय सीधे कैश से प्रोसेसर तक संसाधित होना शुरू हो जाता है। कैश मेमोरी होने से हम एक ही समय में अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर कई चीजों को चला सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/cache-memory-kya-hai/

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Cache Memory कय ह What is Cache Memory in Hindi

APK File Kya Hai | इसे Install कैसे करते है?

Apk एंड्रॉइड सॉफ्टवेयर का एक्सटेंशन नाम है। Apk का पूरा अर्थ एप्लीकेशन पैकेज फाइल है। Apk का मतलब होता है Android Software। यह एक ऐसा फाइल फॉर्मेट है जिसका उपयोग एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर सॉफ़्टवेयर ( गेम या एप्लिकेशन ) स्थापित करने के लिए किया जाता है। यदि Windows की बात की जाय तो उसमें सॉफ्टवेयर को स्थापित करने के लिए एक .exe फ़ाइल का उपयोग किया जाता है। ठीक उसी तरह एंड्रॉयड और आईओएस के लिए APK Extension वाले फाइल्स का उपयोग किया जाता है।
आप अपने Smartphone में एक Web Browser या Facebook, Whatsapp का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह भी एक प्रकार का Apps ही है और उसके जैसे कई अन्य Apps या Applications को Apk File के माध्यम से भी इंस्टॉल किया जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/apk-file-kya-hai/
APK File Kya Hai  इस Install कस करत ह

Website/Blog Post Ko Google Me Rank Kaise Kare?

क्या आप Google Ranking और अपने Website/Blog Post के Indexing की समस्या से निराश हैं, तो आज का पोस्ट आपके काम आ सकता है। आज हम उन 15 चीजों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसका उपयोग करके आप अपने वेबसाइट को Google में रैंक करा सकते है। Google Search में वेबसाइट या ब्लॉग लेख को रैंक या अनुक्रमित नहीं करने के विभिन्न कारण हो सकते हैं।
यदि आपने एक नई वेबसाइट बनाई है तो हो सकता है की आपको Search Engine Optimization (SEO) के बारे में अच्छे से जानकारी न हो या आप इसे अपने वेबसाइट में ठीक से नहीं कर रहे हैं? इसके अलावा, कई अन्य कारण हो सकते हैं जो की किसी वेबसाइट को रैंक करवाने के लिए आवश्यक है। बहुत से नए ब्लॉगर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं की नए ब्लॉग को गूगल में रैंक कैसे कराएं, तो इसलिए आज इस पोस्ट में हम आपको 15 ऐसे टिप्स बताएंगे जिससे आप नई वेबसाइट को आसानी से गूगल में रैंक करा सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/website-blog-post-ko-google-me-rank-kaise-kare/

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WebsiteBlog Post Ko Google Me Rank Kaise Kare

Google Drive क्या है और इसका उपयोग कैसे करें?

Google Drive गूगल द्वारा निर्मित क्लाउड आधारित फ़ाइल संग्रहण सेवा है। यह सेवा 24 अप्रैल 2012 को Google द्वारा शुरू की गई थी। Google ड्राइव को एक ऑनलाइन File storage service कहा जा सकता है, जहां हम आवश्यक फाइलें जैसे “Images”, “Video“, “Documents”, “Application” या किसी भी डिजिटल फ़ाइल को अपलोड कर सकते हैं और इसे वहां Save कर सकते हैं। और, इस तरह, आप किसी भी समय किसी भी कंप्यूटर या मोबाइल पर Google Drive ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपलोड की गई फ़ाइलों को फिर से डाउनलोड भी कर सकते हैं या यूं कहें तो Google फ़ाइलों को ऑनलाइन रख सकते हैं। नतीजतन, आपके द्वारा आवश्यक कुछ Images या Files हमेशा सुरक्षित रहती हैं और आपके पास Google ड्राइव से उन फ़ाइलों या Images को फिर से डाउनलोड करने का अवसर होता है, भले ही आपका मोबाइल या कंप्यूटर टूट क्यों न जाय जाए।
फ़ाइल अपलोड करने के अलावा Google ड्राइव पर फ़ाइलों को बैकअप करने का एक बहुत ही सरल तरीका है। तथा, इसके साथ, ड्राइव से अपलोड की गई Images या अन्य फ़ाइलों को डाउनलोड करने के के भी बहुत आसान तरीके हैं। आपको Google ड्राइव में फ़ाइल बैकअप (अपलोड) और डाउनलोड दोनों प्रक्रियाओं के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन की आवश्यकता होगी। और, इसके साथ, आपके डिवाइस को इंटरनेट की आवश्यकता होगी।
याद रखें, Google ड्राइव Google की एक सेवा है और इसलिए Google Drive का उपयोग करने के लिए आपको Google खाते या Gmail खाते की आवश्यकता होगी। यदि आपके पास Gmail खाता नहीं है, तो आप नहीं जानते कि अभी Gmail खाता कैसे बनाया जाए।
अधिक जानकारी के लिए कृपया मेरे निम्नलिखित ब्लॉग को पढ़ें
https://www.mytechnicalhindi.com/google-drive-kya-hai/

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Google Drive कय ह और इसक उपयग कस कर

Language: English